सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियां
:
1940
में राष्ट्रीय
स्वयं सेवक संघ का स्वयं सेवक
। संघ के विस्तारक, प्रचारक,जिला
प्रचारक एवं विभाग प्रचारक का दायित्व निर्वहन
करते हुए 1952 में भारतीय जनसंघ के
प्रथम प्रदेश
महामंत्री बने। 1981 में भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश
उपाध्यक्ष तथा 1990 में प्रदेश अध्यक्ष के पद संभाले।
भारतीय अधिवक्ता मंच के राष्ट्रीय महामंत्री तथा बिहार
विधान परिषद् में भारतीय जनता पार्टी विधायक दल के नेता
रहे। वर्तमान में भा.ज.पा.
राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य। मैथिली अकादमी तथा बिहार
राज्य हिन्दी प्रगति समिति के सदस्य। चेतना समिति, पटना के
महामंत्री, उपाध्यक्ष तथा अध्यक्ष के रूप में कार्य। बिहार
विधान परिषद् की विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष रहे। 1968
में स्टैंडिंग काउन्सिल बिहार सरकार एवं भारत सरकार,
गवर्नमेंट एडवोकेट एवं महाधिवक्ता, बिहार सरकार । चेयरमैन,
बिहार राज्य बार काउन्सिल तथा बिहार राज्य बार काउन्सिल के
22 वर्ष तक सदस्य रहे एवं बार काउन्सिल ऑफ इन्डिया के 6
वर्ष तक सदस्य रहे । नेशनल स्कूल ऑफ लॉ, बंगलोर के
एग्जिक्यूटिव काउन्सिल के 6 वर्ष तक तक सदस्य रहे। मैथिली
भाषा को भारतीय संविधान की अष्टम अनुसूची में स्थान दिलाने
के लिए संधर्षरत रहे, जिसके लिए 1000 गांवों के पद भ्रमण
किए एवं 27 लाख हस्ताक्षर संग्रहित कर राष्ट्रपति को
प्रस्तुत किये।
बिहार विधान परिषद्
की सदस्यता: 22 जुलाई 1992 से 1998 तक एवं 7 मई
2006 से अबतक
सभापति
:4 अगस्त, 2009 से बिहार
विधान परिषद् के सभापति