लगभग आधा दर्जन
उच्च विद्यालय के स्थापना में सक्रिय सहयोग, पुस्तकालय संघ
का पदाधिकारी रहकर इलाके में पुस्तकालय खोलने का अभियान
चलाना, सचिदानन्द महाविद्यालय शाहमलखैरादेव का संस्थापक
तथा इसके अंगीभूतीकरण तक उसका सचिव, अनेक बार धरना
प्रदर्शन में भागलेने के क्रम में जेल जाना तथा लाठीचार्ज
में घायल।
वर्ष 1990-1995 ई., 1995-2000 ई. एवं 2000-मार्च 2005 तक
बिहार विधान सभा के सदस्य। 7.9.1991 ई. से जून 1997 ई. तक
अध्यक्ष, बिहार राज्य आवास बोर्ड।