1966-
काँग्रेस शासन के खिलाफ छात्र आंदोलन में सक्रिय
भूमिका के दौरान चार महीने की जेल यात्रा।
1967- राज्य
में भयंकर बाढ़ के दौरान पीड़ितों के सहायतार्थ छात्र
सहायता समिति के अध्यक्ष के रुप में पीड़ितों को
कपड़ा, भोजन तथा अन्य राहत सामग्री मुहैया कराना।
1970-
सामाजवादी युवजन सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव के पद पर
निर्वाचित।
1971-
पटना विश्वविद्यालय के
छात्र संध के महासचिव के पद पर निर्वाचित।
1972-73 में -
बिहार के छात्रों युवकों की अनेक मौलिक समस्याओं के
समाधान हेतु सभा गोष्ठी सेमिनार आयोजित करना। छात्रों
की समस्याओं के निराकरण के लिए अनवरत संधर्ष तथा छात्र
आन्दोलनों का नेतृत्व करना।
1974-
छात्र आन्दोलन में प्रदेश संचालन समिति के सदस्य एवं
आन्दोलन की शरुआत तथा संचालन करना। मीसा के अन्तर्गत
नजरबंद एवं छः महिने के बाद माननीय उच्च न्यायालय के
आदेश से मुक्त।
1976- 25
जून, 1976 को लागू आपातकाल के दौरान भूमिगत रहकर जन
आन्दोलनों को संगठित एवं संचालन करना।
1978-
युवा जनता के राष्ट्रीय महासचिव के पद पर निर्वाचित
तथा अंतराष्ट्रीय छात्र युवा महोत्सव का क्यूबा
(हवाना) में प्रतिनिधित्व किया।
1982-
में बिहार प्रदेश जनता पार्टी के महासचिव के पद पर
कार्यरत।
1985-
1985 में चकाई विधान सभा क्षेत्र से सदस्य बिहार बिधान
सभा के रुप में निर्वाचित।
1990-
1990 में चकाई विधान क्षेत्र से पुनः सदस्य बिहार
विधान सभा के रुप में निर्वाचित।
1990-
श्री लालु प्रसाद यादव के मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य
चिकित्सा शिक्षी एवं परिवार कल्याण विभाग का पदभार
संभालना।
1992-
मुख्यमंत्री श्री लालु प्रसाद यादव से भ्रष्टाचार, एवं
गैरलोकतांत्रिक कार्य करने के विरोध में पद से इस्तीफा
देकर जन आन्दोलन को संगठित करना।
1992-
1992 से 2005 तक लगातार बिहार में जंगल राज-गुन्डा राज
एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन- आमसभा कर जन
आन्दोलनों को संचालित करते रहना।
2000-
एक साथ दो विधान सभा क्षेत्रों चकाई एवं जमुई से विशाल
मतों से निर्वाचित। बाद में जमुई विधान सभा से इस्तीफा
तथा चकाई विधान सभा से स.वि.स. के रुप में बने रहे।
दिसम्बर 2000 में जनता दल (यु.) से हटकर श्री रामविलास
पासवान, आदि नेताओं के साथ मिलकर लोक जनशक्ति पार्टी
का निर्माण तथा प्रदेश अध्यक्ष पद सम्भाला। मार्च,
2005 तक लो.ज.पा. के प्रदेश अध्यक्ष के रुप में संगठन
को मजबूत करने का कार्य किया।
2005-
के फरवरी में हुए आम चुनाव में लोजपा के राष्ट्रीय
अध्यक्ष के गलत निर्णयों के कारण असंतुष्ट होकर लोजपा
से इस्तीफा देकर 22 विधायकों के साथ जद (यू.) में
शामिल।
राजद- काँग्रेस गठबंधन द्वारा प्रयोजित ढ़ंग से
षड्यंत्र कर नवनिर्वाचित विधानसभा को गैरसंवैधानिक
तरीके से भंग कर राष्ट्रपति शासन लागू करने के विरुद्ध
भंग विधान सभा के 141 सदस्यों के साथ राष्ट्रपति भवन
मार्च और महासचिव को ज्ञापन सौंपा।
नवम्बर, 2005 में बिहार में जद (यू.) नेता श्री नीतीश
कुमार के नेतृत्व में गठित सरकार में कृषि विभाग का
कार्य संभाला। वर्ष 2008 में खाद्य एवं उपभोक्ता
संरक्षण विभाग के मंत्री के रुप में कार्यरत तथा बाद
में योजना एवं विकास विभाग कार्यभार संभालना।
2010-
26 नवम्बर, 2010 को पुनः बिहार के कृषि मंत्री का
पदभार ग्रहण किया।