सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियां
:
स्कूली छात्र रहते हुए
सन् 1974 के आन्दोलन में विनम्र भागीदारी। एन.सी.सी. कैडेट
के रूप में विद्यालय एवं महाविद्यालय काल में राष्ट्र
सेवा। सन् 1978 के आरक्षण समर्थन आनदोलन में सक्रीय
भागीदारी एवं राजनीतिक रूझान का जन्म। जेल यात्रा एवं
आरक्षण विरोधियों की गोलियों का शिकार। जननगयक कर्पूरी
ठाकुर के प्रयास से पुनर्जीवन। तब से अब तक
समाजवाद,सामाजिक न्याय व साम्प्रदायिक सदभाव आन्दोलन में
बढ़-चढ़कर भागीदारी। डा. भीम राव अम्बेडकर तथा डा.
राममनोहर लोहिया के विचारों तथा जननायक कर्पूरी ठाकुर के
कर्मों से प्रभावित।
प्रखर छात्र नेता एवं कर्मचारी नेता के रूप में पटना
विश्वविद्यालय में मशहूर। इसी समय से श्री लालू प्रसाद,
राम विलास पासवान तथा श्री नीतीश कुमार का सान्निध्य
प्राप्त। तत्कालीन राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी- लोकदल- की
छात्र शाखा - छात्र सभा - का पहले पटना विश्वविद्यालय इकाई
का महासचिव फिर बिहार प्रान्त का कार्यकारी अध्यक्ष। श्री
नीतीश कुमार की अध्यक्षता में युवा लोकदल बिहार का छह में
से एक महासचिव। महासचिव के रूप में जनता दल के निर्माण में
अहम भूमिका। युवा समता का दो बार प्रदेश अध्यक्ष।
समता पार्टी का प्रदेश महासचिव, राज्य संसदीय बोर्ड का
सदस्य, सात सदस्यीय पोलिटिकल अफेयर कमिटी का सदस्य तथा
राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य।
राजकीय पालिटेकनिक
में 12 वर्षों तक अध्यापन। पटना विश्वविद्यालय सीनेट का
सदस्य। सदस्य के रूप में विश्वविद्यालय से जुड़ी अनेक
कमिटियों में योगदान। इंडियन सोशियोलौजिकल सोसायटी, नई
दिल्ली का अजीवन सदस्य। अखिल भारतीय चन्द्रवंथी चेतना मंच
का संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष।
बिहार विधान परिषद्
की सदस्यता:
अभिरुचि
:
पुस्तक पढ़ना,
संगीत सुनना, बौद्धिक चर्चा एवं समाजसेवा